Education in KP Astrology


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Date of birth:12/9/1977
Time: 4:29 am
Place: bhopal

  1. जातक का स्वभाव और व्यक्तित्व,
    2)जातक ने शिक्षा किस क्षेत्र में प्राप्त की है ,
    3)जातक की आर्थिक स्तिथि,
    4)जातक का विवाह और संतान,
    5)विशिष्टता यदि कोई हो ,तो।

वैदिक ज्योतिष से देखने पर – सिंह लग्न , लग्नेश सूर्य लग्न में ही – शरीर स्थान में स्वक्षेत्री होकर देह में शक्ति और स्वाभिमान और आत्मिक बल से अच्छी हिम्मत वाला जातक है , शनि साथ होने से पिता से कुछ मतभेद भी रहेंगे । 7 वि दृष्टि से स्त्री स्थान को शनि की कुम्भ राशि पर दृष्टि से स्त्री पक्ष से कुछ नीरसता , गृहस्थ जीवन मे परेशानी महसूस होगी।
11 वे भाव मे मंगल मित्र बुध की राशि मे गुरु के साथ विराजमान है , आमदनी के मार्ग में विशेष सफलता प्राप्त होगी भूमि , भवन एवम माता के पक्ष से लाभ प्राप्त होगा । 4 थी दृष्टि से धन भाव को देख रहा है वहां राहु विराजमान है , इसे मंगल ही कन्ट्रोल कर सकता है आकस्मिक रूप से धन प्राप्त होता रहेगा । 7 वी दृष्टि से विद्या एवम संतान भाव को पोषित कर सफलता मिलेगी। 8 वी दृष्टि से शनि की मकर राशि पर नजर है अतः रोगों और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। गुरु 11 वे भाव मे मंगल के साथ है अष्टमेश दोष होने से कुछ परेशानी भी प्राप्त होगी , नवम दृष्टि स्त्री स्थान पर शनि की राशि पर अतः गृहस्थ जीवन मे कुछ असन्तोष अवश्य रहेगा ।
12 वे भाव मे शुक्र है बचपन मे भले ही कुछ चीजो की कमी रही हो लेकिन युवावस्था में कोई भौतिक चीज की कमी नही रहेगी। खर्च खूब होगा । जन्म स्थान से दूर लाभ प्राप्त होता रहेगा । 7 वी दृष्टि शत्रु स्थान पर , चतुराई और हिम्मत से शत्रुओं को पराजित करने की क्षमता है।
राहू धन भाव मे मित्र बुध की राशि मे लेखन से धन कमाने के योग है , बैंक बैलेंस में कभी कभी अचानक कमी भी होगी । मीन राशि मे केतू अष्टम भाव हो तो जीवन मे कई बार मृत्यु तुल्य संकट का सामना भी होगा । पेट के निचले भाग में विकार की संभावना अवश्य रहती है। कोई गुप्त शक्ति जातक के पास अवश्य होगी।
अब कृष्णमूर्ति पद्धति से देखने पर लग्न का उपस्वामी शुक्र है।
शुक्र 10 , 12
बुध के नक्षत्र में 1 , 3 , 11
मंगल के उपनक्षत्र में 4 , 11
जातक के जीवन मे कई छोटी छोटी यात्राये बहुत होगी , हिम्मत के बल पर अपना स्टेटस बनाएगा , स्वभाव में तेजी , जल्दबाजी भी रहेगी। शिक्षा में विशेष रुचि , कोई कला में एक्सपर्ट भी होंगे।
शिक्षा :- जन्म समय जातक को केतु दशा 2 वर्ष 10 मास लगभग बची थी अतः शिक्षा पर विचार करने के लिये शुक्र दशा देखनी होगी। शुक्र लग्न का सबलार्ड भी है शिक्षा अच्छे से पूरी हुई है। अधिकांश ग्रहो के नक्षत्र और उपनक्षत्र में शिक्षा के अच्छे भाव 4 , 9 , 11 एवम सहायक भाव 2 , 3 , 5 भी है जातक उच्च शिक्षित है।
प्रोफेशन :-
10 वें भाव का उपस्वामी गुरु है ।
गुरु 5 , 9 , 11
राहु 1 , 2 , 3 , 4 , 11
गुरु 5 , 9 , 11
जातक को सर्विस रास नही आई होगी एक से अधिक जॉब दिख रहे है , जातक शिक्षा के क्षेत्र में / बढ़िया एस्ट्रोलॉजर हो सकता है , कमीशन सम्बन्धी कार्यो से आय होगी।
वैवाहिक जीवन :-
7 वें भाव का उपस्वामी शुक्र है जो लग्न का भी उपस्वामी है। जो बुध के नक्षत्र में 1 , 3 , 11 का सूचक है विवाह अच्छे से हुआ लेकिन उपस्वामी मंगल 4 भाव का कार्येश होने दे वैवाहिक जीवन मे कुछ असन्तुष्टि भी दिख रही है।
जातक में फल कथन या वाक सिद्धि के गुण दिखाई दे रहे है।
बस इतना ही समझ आया ।
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