Surrogacy Rule in KP Astrology


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Surrogacy Rule in KP Astrology – Which we need to check and Test, Try and Use it and Validate and share Your Views

1 house — self
7 house — opportunity
In Surrogacy we barrow uterus of Opponent
5 th from 7 th is 11h
So 11 csl should signify 2,5,8
8 th is 2 nd from7 th
Connection of 9 th house& Rah is must
9 — sperm

Rah —unnatural/maya etc
And connection with fruitful sign e.g. Cancer/Scorpio/Pices

सरोगेसी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह उस व्यक्ति की कुंडली में संतान सुख अवश्य होना चाहिए ।

सरोगेसी एक विस्तृत विषय है इसमें कई प्रकार हो सकते हैं
जैसे कि

पहला प्रकार जैसे किसी दंपत्ति की कुंडली में संतान सुख है परंतु कोई पार्टनर संतान उत्पन्न करने में असक्षम हो तो ऐसे दंपत्ति सरोगेसी से संतान सुख प्राप्त करेंगे

यदि कोई व्यक्ति समलैंगिक है और उसकी कुंडली में संतान सुख है तो वह भी सिर्फ और सिर्फ सरोगेसी से ही संतान सुख प्राप्त करेगा

यदि कोई महिला गर्भ धारण नहीं कर पा रही है परंतु उसके अंडाणु संतान उत्पन्न करने में समर्थ हैं तो ऐसी महिला सरोगेसी से संतान प्राप्त करेगी परंतु यदि उस महिला के अंडाणु ही संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हूं और उसके पति के शुक्राणुओं संतान उत्पन्न करने में समर्थ हो तो भी यह महिला सेरोगेसी से संतान प्राप्त करेगी।

अब यदि कोई पुरुष के शुक्राणु संतान उत्पन्न करने में समर्थ हो परंतु उसकी पत्नी के अंडाणु संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हो तो इस केस में भी सरोगेसी से ही संतान उत्पन्न होगी

यदि पति पत्नी दोनों के अंडाणु और शुक्राणु संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हो तो किसी प्रकार की सरोगेसी नहीं मानी जाएगी वो दोनों निःसंतान रहेंगे।

और यदि कोई व्यक्ति अविवाहित रहेगा परंतु उसे संतान सुख होगा तो वह व्यक्ति भी सिर्फ और सिर्फ सरोगेसी से ही संतान प्राप्त करेगा

संतान से अभिप्राय जैविक संतान से हैं और सरोगेसी नियोग के रूप में पहले से प्रचलित है इसलिए इसके द्वारा प्राप्त संतान वैध मानी जायेगी।

दत्तक संतान के लिए अलग नियम होंगे।

को इस प्रकार हमको व्यक्ति के संतान उत्पन्न करने की क्षमता उसके संतान सुख उसके विवाहित होने की जानकारी उसकी कुंडली से देखना चाहिए और यदि किसी नियम से पता चल सके कि वह समलैंगिक है कि नहीं तो वो भी जान लेना चाहिए।